PM ROJGAR SRAJAN YOJNA 2021, Fast And Easily | प्रधान मंत्री रोजगार सृजन

PM Rojgar Srajan Yojna , सूक्ष्म , लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार का एक क्रांतिकारी निर्णय है, जिसे प्रधान मंत्री रोजगार योजना और ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम को विलय कर तैयार किया गया है अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट pmegp.in पर विजिट करे

PM Rojgar Srajan Yojna का नोडल पॉइंट

खादी और ग्रामोउद्योग आयोग पूरे देश में राष्ट्रीय लेवल पर इस योजना के कार्यान्वयन के लिए नोडल अभिकरण है ।

PM Rojgar Srajan Yojna किन क्षेत्रों पर लागु होगी

खादी  ग्रामोउद्योग आयोग तथा खादी और ग्रामो उद्योग बोर्ड देश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एवं जिला उद्योग केंद्र,ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए है।

PM Rojgar Srajan Yojna योजना में फाइनेंसियल सपोर्ट

विनिर्माण क्षेत्र के लिए 25.00 लाख रूपये  सेवा क्षेत्र के लिए 10.00 लाख रूपए 

PM Rojgar Srajan Yojna के लिए शैक्षणिक योग्यता

विनिर्माण क्षेत्र के लिए रू 10. लाख और सेवा क्षेत्र के लिए रू 5. लाख से अधिक की परियोजना लागत के लिए न्यूनतम 8 वी कक्षा उत्तीर्ण ।

उधमिता विकास कार्यक्रम प्राधिकरण

उद्यमी को बैंक से प्रथम किश्त रिलीज़ होने के 12  माह के अन्दर 2 सप्ताह का उधमिता विकास प्रशिक्षण लेना आवश्यक होगा | जिन उधमियों ने इस प्रकार का प्रशिक्षण पूर्व में ले लिया है , उन्हें यह प्रशिक्षण आवश्यक नहीं होगा | साज सेवा आयोग के तहत 2.०० लाख से कम लागत प्रकरणों में उद्यमी के 3 दिन का EDP लेना होगा। 

PM Rojgar Srajan Yojna के लिए शैक्षणिक योग्यता आवेदन कैसे करे

प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक प्रसार माध्यमों में योजना की विज्ञप्ति दी गयी है | लाभारती अपना आवेदन पत्र , परियोजना प्रतिवेदन  खादी और ग्रामउद्योग  आयोग / खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड / जिला उद्योग केंद्र/ बैंक के निकटम कार्यालय में जमा कर सकते है। 

अपेक्षित दस्तावेज

परियोजना, शेक्षणिक योगयता प्रमाण पत्र , तकनिकी प्रमाणपत्र , जाती प्रमाणपत्र , उद्यमिता विकास कार्यक्रम प्रमाणपत्र (केवल प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों के लिए।

लाभार्थियों का चयन

लाभार्थियों का  जिला मजिस्ट्रेट/ जिला आयुक्त / कलेक्टर की अध्यक्ष्ता में गठित,  कार्य दल समिति द्वारा साक्षात्कार के माध्यम  होगा।

परियोजना की मंजूरी

तकनीकी -आर्थिक व्यवहार्यता के अनुसार बैंको की वित्तपोषक शाखाएँ परियोजना को मंजूरी देंगी।

निजी अंशदान

सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों के मामले में परियोजना लागत का 10 % व अन्य श्रेणी के लाभार्थियों के मामले में परियोजना लागत का 5 %

PM Rojgar Srajan Yojna के अंतर्गत सरकारी सब्सिडी का स्तर
PMRSY के अंतर्गत लाभार्थियों की श्रेणीस्वयं का अंशदानसब्सिडी की दर 
क्षेत्र शहरीग्रामीण
सामान्य10%15%25%
(अजा /अजजा /अपिव /अल्पसंखयक ,महिला ,पूर्व सैनिक , शारीरिक विकलांग पूर्वोत्तर , पहाड़ी व सीमावर्ती क्षेत्र सहित)  05%25%35%

विपड़न सहायता

इकाइयों के उत्पादों के लिए विपदान सहायता के रूप में उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शंनिया ”करता-विक्रेता सम्मलेन आदि आयोजित किये जाएंगे।

भौतिक सत्यापन

निगरानी के एक भाग के रूप में तथा योजना के प्रभाव को जानने और सरकारी सब्सिडी का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए 100% भौतिक सत्यापन किया जायेगा।

निगरानी

निगरानी राज्य /अंचल /राष्ट्रीय स्तर पर की जाएगी

बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज

सहायक सेवा के रूप में योजना के अंतर्गत बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के लिए निधि उपलब्ध कराई जाएगी।

उद्योग समूह

कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग , वन आधारित , हस्तनिर्मित कागज़ / रेशा , खनिज आधारित उद्योग , पॉलीमर और रसायन आधारित उद्योग , ग्रामीण अभियांत्रिकी एवं जैव – प्रौद्योगिकी , कपड़ा को मिलकर सेवा उद्योग।

जिन कार्यो पर यह योजना लागु नहीं होगी की सूचि

सूक्ष्म उद्यमों / परियोजनाओं /इकाइयों की इस्थपना के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत निम्नलिखित कार्यो  अनुमति नहीं दी जाएगी।

  • मीट ( स्लाटर किया हुआ ) से जुड़े उद्योग / रोजगार अर्थात मीट का प्रसंस्करण , डिब्बाबंदी या माँसाहारी खाद्यपदार्थ सर्व करना। बीड़ी, पान ,सिगार,सिगेरट आदि नशीली वस्तुओं का उत्पादन और बिक्री, कोई ऐसा होटल  या ढाबा जहाँ शराब या माँसाहारी भोजन सर्व किया जाता हो, कच्चे माल के रूप में तंबाकू का प्रयोग, ताड़ी चालाना या बेचना।
  • चाय ,कॉफ़ी , रबर आदि के बागान सहित फसलों की खेती से जुड़े उद्योग /कार्य , रेशमपालन, (कुकूनपालन ) बागवानी, हार्वेस्टर सहित पुष्पोद्योनिकी, मत्स्यपालन, सुअरपालन,मुर्गीपालन जैसे पशुपालन।
  • 20 माइक्रोन से काम मोटाई वाले पॉलिथीन , थैलियों  विनिर्माण और पुनः चक्रीकृत प्लास्टिक से बने थैले या कंटेनर या कोई ऐसा उत्पाद जो पर्यावरण को नुक्सान पहुंचा सकता है।
  • पश्मीना ऊन के प्रसंस्करण और इसी प्रकार के अन्य उत्पादों जैसे हाथ से बुनाई और कड़ाई , आदि उद्योग खादी कार्यक्रम प्रमाणन नियमो तहत और उपलब्ध बिक्री छूट की सहायता से लाभ ले रही है।
  • ग्रामीण एवं शहरी परिवहन (अंडमान और निकोबार ऑटो रिक्शा , जम्मू और कश्मीर में हाउस बोट ,  पर्यटक नौका साइकिल (रिक्शा को छोड़कर) साथ हि ऐसी गतिविधियां जिनमें मेनुफक्चरिंग प्रोसेस एवं वैल्यू नहीं जुड़ता है। (जैसे – विभिन्न प्रकार की दुकाने , व्यव्यसाय आदि ) इस योजना में मान्य नहीं होंगे।  

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